किसान मसीहा बाबा टिकैत
आज पूरी दुनिया कोरोना नामक महामारी से लड़ रही है, पिछले 52-53 दिनों से पूरा देश घरों में बंद है। फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं, उद्योग धंधे ठप पड़े हैं, बाजार सुनसान हैं पर इस महामारी के बीच भी डॉक्टर, जवान और किसान लगातार डटे हुए हैं। इस महामारी ने आधुनिक होते भारत को किसान का महत्व समझा दिया। इस महामारी में भी किसान देश का पेट भरने का काम कर रहा है। पर जो किसान विषम से विषम परिस्थिति में पेट भरता है, जब वो कर्ज़ से तंग आकर आत्महत्या करता है तो दिल दहल जाता है। अगर आज देश में किसानों की बदतर स्थिति के पीछे सबसे बड़ा कारण एकता का अभाव और वर्तमान भारत में सभी किसानों को साथ लेकर चलने वाले किसान नेता का कमी है। जब भी भारत में किसान राजनीति और किसान एकता की बात होती है तो चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत का जिक्र जरूर होता है। अपने किसान आंदोलनों से लखनऊ से लेकर दिल्ली तक की कुर्सी हिलाने वाले किसान नेता चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत की आज 9वीं पुण्यतिथि है। चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत चौधरी म...